नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना (DLY) को महिलाओं की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। योजना शुरू होने के महज एक सप्ताह के भीतर इसके लिए पंजीकरण कराने वाली महिलाओं की संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई है। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, शनिवार को पंजीकरण का आंकड़ा पांच लाख से अधिक हो गया।
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात 8 बजे तक दिल्ली लक्ष्मी योजना के पोर्टल पर 4.87 लाख पंजीकरण हो चुके थे, जबकि 1.99 लाख आवेदन जमा किए जा चुके थे। इसके बाद रातभर और शनिवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाओं ने पंजीकरण कराया, जिसके चलते दोपहर तक कुल पंजीकरण का आंकड़ा 5 लाख के पार पहुंच गया।
महािला समृद्धि योजना के नाम से हुई थी शुरुआत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने इस योजना को शुरुआत में ‘महिला समृद्धि योजना’ के नाम से मंजूरी दी थी। बाद में महिलाओं की गरिमा, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना सामान्य नकद सहायता योजनाओं से अलग है। इसमें लाभार्थी महिलाओं को उनकी जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं।
महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2,500 रुपये
योजना के तहत पहले विकल्प में हर महीने 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में जमा किए जाएंगे। इसका उपयोग रोजमर्रा की आवश्यक जरूरतों के लिए किया जा सकेगा। वहीं, बाकी 1,500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जमा किए जाएंगे।
दूसरे विकल्प के तहत लाभार्थी महिला की पूरी 2,500 रुपये की मासिक राशि आरडी या एफडी खाते में जमा की जाएगी। इससे महिलाओं को समय के साथ ब्याज सहित अच्छी बचत तैयार करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस व्यवस्था के जरिए योजना का उद्देश्य महिलाओं को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनके लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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CBDC वॉलेट से कुछ चीजों की खरीद पर रोक
सरकार योजना के तहत CBDC वॉलेट के लिए एक डिजिटल नेगेटिव लिस्ट लागू करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता का इस्तेमाल केवल आवश्यक घरेलू जरूरतों के लिए किया जाए।
CBDC वॉलेट में जमा राशि से शराब, तंबाकू, मादक पदार्थ, लॉटरी टिकट, जुआ, सट्टेबाजी और सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं पर खर्च नहीं किया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल परिवारों के कल्याण और जरूरी घरेलू खर्चों के लिए सुनिश्चित किया जा सकेगा।