संभल/चंदौसी: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए टूलकिट वितरित की गई। संभल जिले के बनियाखेड़ा विकासखंड सभागार में गुरुवार शाम आयोजित कार्यक्रम में 10 दिन का प्रशिक्षण पूरा कर चुके 100 लाभार्थियों को टूलकिट दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करके की गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की।
10 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मिली टूलकिट
विश्वकर्मा योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को पहले निर्धारित अवधि का प्रशिक्षण दिया गया। बनियाखेड़ा में आयोजित प्रशिक्षण में 100 लाभार्थियों ने 10 दिन का प्रशिक्षण पूरा किया।
प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद लाभार्थियों की परीक्षा भी कराई गई। इसके बाद सफल प्रशिक्षणार्थियों को उनके पारंपरिक काम और कौशल से संबंधित जरूरी उपकरणों वाली टूलकिट प्रदान की गई।
स्वरोजगार में मदद के लिए दिए गए उपकरण
जिला उद्योग विभाग के डिप्टी कमिश्नर उद्योग मुकेश कुमार ने बताया कि योजना का उद्देश्य प्रशिक्षण लेने वाले लोगों को अपने हुनर के आधार पर स्वरोजगार शुरू करने में सहायता देना है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने और परीक्षा के बाद 100 लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई। इन उपकरणों की मदद से लाभार्थी अपने पारंपरिक कार्य को आगे बढ़ाकर रोजगार और आय के अवसर तैयार कर सकते हैं।
लाभार्थियों में दिखी खुशी
टूलकिट मिलने के बाद लाभार्थियों में खुशी देखने को मिली। लाभार्थियों ने कहा कि सरकारी योजना के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण के साथ काम करने के लिए जरूरी उपकरण भी मिले हैं।
टूलकिट मिलने से उन्हें अपने कौशल का इस्तेमाल कर काम शुरू करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री के प्रतिनिधि रामपाल सिंह और जिला मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट समेत कई अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इस दौरान भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर दीप प्रज्वलन के बाद लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई।
कार्यक्रम में विकासखंड अधिकारी ज्योति शिना, जिला स्तर के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
क्या है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके हुनर के आधार पर आर्थिक और तकनीकी सहायता देने के उद्देश्य से संचालित केंद्र सरकार की योजना है।
योजना में पात्र लाभार्थियों को प्रशिक्षण, टूलकिट सहायता, ऋण और डिजिटल लेनदेन से जुड़े प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं निर्धारित नियमों के अनुसार मिलती हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का आधिकारिक पोर्टल
संभल में 100 लाभार्थियों को मिली टूलकिट
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना |
| जिला | संभल |
| स्थान | बनियाखेड़ा विकासखंड |
| प्रशिक्षण | 10 दिन |
| टूलकिट प्राप्त करने वाले | 100 लाभार्थी |
| प्रशिक्षण के बाद | परीक्षा |
| उद्देश्य | स्वरोजगार के लिए उपकरण उपलब्ध कराना |
निष्कर्ष
संभल के बनियाखेड़ा में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 10 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 100 लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई। जिला उद्योग विभाग के अनुसार, योजना का उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें अपने कौशल के आधार पर स्वरोजगार के लिए आगे बढ़ने में सहायता देना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
संभल में विश्वकर्मा योजना के कितने लाभार्थियों को टूलकिट मिली?
बनियाखेड़ा में 10 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 100 लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई।
लाभार्थियों को कितने दिन का प्रशिक्षण दिया गया?
लाभार्थियों ने 10 दिन का प्रशिक्षण पूरा किया।
टूलकिट क्यों दी गई?
टूलकिट का उद्देश्य लाभार्थियों को अपने पारंपरिक कौशल के आधार पर स्वरोजगार शुरू करने के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ किसे मिलता है?
यह योजना निर्धारित पात्रता के अनुसार पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए है।