दिल्ली सरकार ने युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ‘ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस’ शुरू करने को मंजूरी दी गई है।
इस व्यवस्था के तहत दिल्ली सरकार के खेल केंद्रों और स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले पात्र युवा खिलाड़ियों को हर महीने ₹2,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना में अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक कारणों से प्रशिक्षण छोड़ने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की संख्या कम करना और उन्हें लगातार अभ्यास के लिए सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना 2026: मुख्य जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना |
| नया घटक | ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस |
| राज्य | दिल्ली |
| लाभार्थी | उभरते हुए युवा खिलाड़ी |
| आयु वर्ग | अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 |
| मासिक सहायता | ₹2,000 |
| प्रशिक्षण | सरकारी खेल केंद्र या स्टेडियम |
| न्यूनतम उपस्थिति | 80 प्रतिशत |
| चयन का आधार | आर्थिक आवश्यकता, प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन |
खिलाड़ियों को हर महीने ₹2,000 क्यों दिए जाएंगे?
युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर प्रशिक्षण के दौरान कई तरह के खर्च उठाने पड़ते हैं। इनमें पोषण, स्थानीय यात्रा, छोटे खेल उपकरण और चिकित्सा संबंधी जरूरतें शामिल हैं।
मासिक आर्थिक सहायता का उद्देश्य इन खर्चों में मदद करना है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपना प्रशिक्षण बीच में न छोड़ें।
किन खिलाड़ियों को ₹2,000 की सहायता मिलेगी?
यह सहायता दिल्ली सरकार के सरकारी खेल केंद्रों और स्टेडियम में नियमित रूप से नामांकित प्रशिक्षुओं में से पात्र खिलाड़ियों को दी जाएगी।
हालांकि, हर प्रशिक्षु को स्वतः ₹2,000 नहीं मिलेंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी केंद्र या स्टेडियम में नियमित रूप से प्रशिक्षण लेने वाले अधिकतम 25 प्रतिशत तक पात्र खिलाड़ियों को इस सहायता के लिए चुना जाएगा।
सामान्य तौर पर एक खेल केंद्र या स्टेडियम में अधिकतम 100 खिलाड़ी सहायता के दायरे में होंगे। बड़े स्टेडियमों में जहां प्रशिक्षुओं की संख्या अधिक है, बजट उपलब्धता के आधार पर यह सीमा 150 खिलाड़ियों तक बढ़ाई जा सकती है।
80 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी
मासिक सहायता पाने वाले खिलाड़ियों के लिए नियमित प्रशिक्षण में भाग लेना महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त रखी गई है।
इसके अलावा खिलाड़ियों का चयन केवल उपस्थिति के आधार पर नहीं होगा। आर्थिक आवश्यकता, खेल प्रदर्शन, भविष्य की संभावनाओं और अनुशासन जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
लाभार्थियों के प्रदर्शन और उपस्थिति की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि आर्थिक सहायता वास्तव में नियमित रूप से प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों तक पहुंचे।
किन आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ?
मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के इस नए सहायता घटक में चार आयु वर्ग शामिल किए गए हैं:
- अंडर-14
- अंडर-17
- अंडर-19
- अंडर-21
इन खिलाड़ियों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करने के साथ संबंधित सरकारी खेल केंद्र या स्टेडियम में नियमित रूप से प्रशिक्षण लेना होगा।
खिलाड़ियों को सिर्फ ₹2,000 ही नहीं, अन्य सहायता भी मिल सकती है
मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों के लिए अन्य प्रकार की सहायता का भी प्रावधान है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्कूल स्तर के शीर्ष रैंक वाले खिलाड़ियों को कोचिंग, खेल उपकरण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, पोषण और प्रशिक्षण से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए प्रति वर्ष ₹5 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
वहीं दिल्ली और भारत का उच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले एलीट खिलाड़ियों के लिए प्रति वर्ष ₹20 लाख तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
इसके अलावा मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से जुड़े पात्र खर्च के लिए प्रति खिलाड़ी ₹2 लाख तक की प्रतिपूर्ति भी उपलब्ध हो सकती है।
खिलाड़ियों के लिए योजना का क्या फायदा होगा?
इस योजना से युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण जारी रखने में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर शुरुआती स्तर पर पोषण, यात्रा और छोटे खेल उपकरणों पर होने वाला खर्च परिवारों पर आर्थिक बोझ डाल सकता है।
सरकार का उद्देश्य ऐसी आर्थिक बाधाओं को कम करके प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण से जोड़ना और दिल्ली में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को विकसित करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
युवा खिलाड़ियों को हर महीने कितने रुपये मिलेंगे?
पात्र खिलाड़ियों को इस नए सहायता घटक के तहत ₹2,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
कौन से खिलाड़ी इस योजना के दायरे में आएंगे?
अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के पात्र खिलाड़ी इस सहायता के लिए शामिल किए गए हैं।
क्या हर खिलाड़ी को ₹2,000 मिलेंगे?
नहीं। सहायता सीमित संख्या में पात्र खिलाड़ियों को दी जाएगी। चयन आर्थिक आवश्यकता, खेल प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन जैसे आधारों पर किया जाएगा।
कितनी उपस्थिति जरूरी है?
पात्र खिलाड़ियों के लिए नियमित प्रशिक्षण में कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी।
खिलाड़ियों की समीक्षा कितनी बार होगी?
लाभार्थियों के प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन की त्रैमासिक यानी हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी।
क्या एलीट खिलाड़ियों के लिए अलग सहायता है?
हां। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एलीट खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और अन्य आवश्यकताओं के लिए ₹20 लाख तक वार्षिक सहायता मिल सकती है। प्रतियोगिता में भागीदारी के पात्र खर्च की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत युवा खिलाड़ियों को हर महीने ₹2,000 की सहायता देने का निर्णय शुरुआती स्तर के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। अंडर-14 से अंडर-21 तक के पात्र खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल सकता है, लेकिन इसके लिए नियमित प्रशिक्षण, कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति और अन्य निर्धारित मानदंड पूरे करने होंगे।
सहायता सीमित संख्या में खिलाड़ियों को दी जाएगी और उनके प्रदर्शन तथा अनुशासन की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपना प्रशिक्षण जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।